महान वैज्ञानिक आर्यभट की कर्मभूमि खगौल ( खगोल ), पटना-बिहार की मधुमिता शर्मा को एक करोड़ सालाना के पैकेज पर टेकनिकल साॅलुशन इंजिनीयर के पद पर गुगल, स्विट्जरलैंड में प्लेसमेंट हुआ है। गूगल में सेलेक्ट करने के लिए कंपनी ने ढाई महीने तक 7 राउंड का इंटरव्यू लिया जो अलग -अलग देशों से होते थे। ये इंटरव्यू ऑनलाइन होते थे। स्विट्जरलैंड से 3 इंटरव्यू हुआ तो सिंगापूर से 1 और सिडनी से 2 इंटरव्यू हुआ। उसके बाद बेंगलूर में एक इंटरव्यू लिया गया था जिसके बाद मधुमिता का चयन गूगल के लिया किया गया|मधुमिता का कहना है कि बचपन से एक बड़ी गुगल जैसी कंपनी में काम करने का सपना देखती रही | पर खगौल एक छोटा कस्बा होने के कारण और बड़े कॉलेजों में शिक्षा नहीं मिलने की वजह से हर किसी ने हमें हतोत्साहित किया कि गुगल में पहुँच पाना संभव नहीं है , कुछ और सोंचो|

वाबजूद ऊॅचे शिखर पर जाने की ख्वाईश और दिन रात कड़ी मेहनत कर मर्सिडीज,अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियों में सफलता हासिल करते हुए वर्तमान में सात चरणों का इन्टरव्यू करे के करते हुए एक करोड़ सालाना के पैकेज पर टेकनिकल साॅलुशन इंजिनीयर के पद पर गुगल, स्विट्जरलैंड में आखिर प्लेसमेंट हुआ है। हम ने सपना देखी ,पूरा हुआ, यह जानकर कर मैं काफी खुश हूँ | यह भी कहती है कि यदि आप आईआईटी , नीट ( IIT,NIT ) जैसे संस्थानों से शिक्षा ग्रहण नहीं किए हैं तब भी मेहनत के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। मधुमिता ने बतायी कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा वाल्मी डीएवी से हुआ है | इस के बाद आर्य कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग , जयपुर से कम्पयुटर साईंस में बीटेक करने के बाद एपीजी बंगलुरू में प्लेसमेंट हुआ | इसकी प्रेरणा माँ पिता एवं मरहुम राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को देती है।

madhumita sharma

मेरी माँ चिंता शर्मा और मेरे पिता कुमार सुरेन्द्र शर्मा , जो सहायक रेलवे सुरक्षा बल कमान्डेंट के पद पर ( आरपीएफ ) सोनपुर रेल मंडल में कार्यरत है ने , मुझे अपना सपना पूरा करने के लिए हर तरह का सहयोग और उत्साहवर्धन करती रही है | मैं अपने इस माँ और पिता का कर्ज भूल नहीं सकुंगी | भाई भी इंजीनियरिंग और बहन मेडिकल की तैयारी कर रहा है | मधुमिता का कहना है कि पैसे कमाना मेरा मकशद नहीं है | बचपन से सुनते रही हूँ कि बेटियों घर,परिवार पर बोझ होती है, लाखों दहेज़ देना पड़ता है , वाबजूद उसे अगर भाग्य साथ न दें तो जीवन भर रोना पड़ता है | इस के लिए हमने सोंची खुद को बुलंद करूँ की समाज बेटियां पर गर्व करे | मैं लड़कियों से कहना चाहती हूँ कि , ऐसा मुकाम हासिल करो कि ,बेटियों पर समाज और देश गर्व करे और अपनी पारिवारिक जरूरतों को भी पूरा कर सकें | किसी पर बोझ न बने | खगौल की बेटी कि इस सफलता को लेकर खगौलवासी भी काफी खुश है कि, इस ने खगौल साथ साथ बिहार का भी नाम रौशन किया है |

ये अरवल जिला के ब्लाक – वंशी-सोनभद्र की रहने वाली है। इसने जिले का ही नही पूरे प्रदेश का मान सम्मान बढ़ाया है।