गुरुग्राम से बिहार तक का सफ़र साईकल से तय करने वाली बिहार की ज्योति कुमारी एक बार फिर अपने कारनामे को लेकर चर्चा मे है | अपनी असहाय बुआ की शादी की जिम्मेदारी ज्योति ने अपने कंधों पर उठाते हुए अपने पिता की मदद से पूरी की | ज्यादातर मामलों में गरीबी के दलदल से निकलने वाले लोग वहां फंसे अपनों को भी भूल जाते हैं। लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अपने उस दौर को भूलते नहीं हैं और अपनों की मदद भी करते हैं। ज्योति ने भी कुछ ऐसा ही किया है। इनाम में मिली रकम से ज्योति ने अपने रिश्तेदार की शादी कराई है।

परिवार और समाज के लिये उदाहरण बनी ज्योति  

ज्योति ने एक और नया कारनामा कर परिवार और समाज का दिल जीत लिया है। पापा को दिल्ली से साइकिल से लाने पर देश व दुनिया में सुर्खियों में आई ज्योति ने पुरस्कार स्वरूप में मिली राशि से अपनी गरीब बुआ की शादी दरभंगा के श्यामा माई मंदिर में कराई। इसके साथ ही ज्योति ने समाज मे दूसरों की मदद का एक उदाहरण पेश किया है |

जानकारी के मुताबिक ज्योति के दादा दो भाई थे। दोनों दादा कारी पासवान व शिवनंदन पासवान का निधन हो चुका है। चचेरी दादी विधवा लीला देवी लकवा ग्रस्त हैं। ज्योति ने अपनी चचेरी दादी की हालत देख उनकी बेटी कविता कुमारी की शादी कराने का फैसला लिया। यह बात उसने अपने माता-पिता से कही। कविता की शादी समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के नाथुद्वार गांव के शिबू पासवान के पुत्र अरविंद पासवान के साथ श्यामा मंदिर में हुई।

ज्योति ने पिता को शादी कराने की दी थी सलाह

इस संबंध में ज्योति के पिता मोहन पासवान ने कहा कि ज्योति ने ही कविता की शादी करा देने का सुझाव दिया था। उसने कहा कि कल हमारे पास कुछ नहीं था, लेकिन आज जो कुछ है, बहुत है। तो एक गरीब की बेटी की शादी करा देनी चाहिए। उन्होंने सहर्ष इसे स्वीकार किया और आज ज्योति के पैसे से रिश्ते में उसकी बहन कविता की शादी अरविंद से हो पाई। उन्होंने कहा कि इसमें सब कुछ ज्योति का है और उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।

अमेरिका तक है ज्योति के चर्चे

लॉकडाउन के बीच अपने बीमार पिता को बैठाकर गुरुग्राम से दरभंगा के अपने सिरहुल्ली गांव तक साइकिल चलाकर करीब 1200 किमी का सफर तय करने वाली ज्योति कुमारी के साहस को दुनियाभर में सराहा गया है। ज्योति की कहानी को शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ने भी ट्विटर पर शेयर किया।