Home Life of Patna इस समर वेकेशन पर बच्चों के साथ घूमने जाएँ टूरिज्म फेस्टिवल

इस समर वेकेशन पर बच्चों के साथ घूमने जाएँ टूरिज्म फेस्टिवल

मई-जून के महीने में गर्मी का तापमान और बढ़ता जाता है। ऐसे में घूमने वालों के लिए एक बहुत बड़ा चैलेंज होता है। लेकिन अगर आप इस मौसम में भी घूमने की हिम्मत रखते हैं तो आप के लिए कई सारे बेस्ट डेस्टिनेशन है, जहां आप ढेर सारे फेस्टिवल एंजॉय कर सकते हैं। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं अलग-अलग जगहों के बारे में जहां मई के महीने में ढेर सारे फेस्टिवल होने वाले हैं।

1.ढुंगरी मेला

मनाली के हिडिंबा मंदिर में आयोजित किया जाता है ढुंगरी मेला। इस साल इस मेले का आयोजन 14 से 16 मई 2019 तक होगा। यह तीन दिवसीय स्थानीय उत्सव देवी हिडिंबा के जन्मदिन के रूप में आयोजित किया जाता है। हिडिंबा पांच पांडवों में से एक भीम की पत्नी थीं। यह मंदिर कई गांवों के लिए मुख्य धार्मिक स्थल है। कई गांव इस उत्सव में भाग लेते हैं। कार्निवल सवारी, शॉपिंग स्टॉल, गायन, नृत्य और बहुत कुछ इस मेले में होता है। इस दौरान कुल्लू का स्थानीय नृत्य भी आयोजित होता है।

2. ऊटी समर फेस्टिवल

तमिलनाडु के विश्व प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस ऊटी में हर साल आयोजित किया जाता है ऊटी फेस्टिवल। इस साल 17 से 21 मई 2019 तक फ्लॉवर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा और 25 से 26 मई तक फ्रूट शो का आयोजन होगा। गर्मियों में सैलानी बड़ी संख्या में तमिलनाडु राज्य के ऊटी में पहुंचते हैं। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाली ऊटी समर फेस्टिवल के दौरान और खूबसूरत लगने लगता है। इस फेस्टिवल के जौरान गुडालूर का स्पाइस शो, कोटागिरी के नेहरू पार्क का वेजिटेबल शो, गर्वनमेंट रोज गार्डन का रोज शो सबसे खास होता है।

3. मोसु त्योहार

नागालैंड में मई के पहले हफ्ते में इस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। ये फेस्टिवल नागालैंड की एक जनजाति द्वारा मनाया जाता है। ये फेस्टिवल कृषि से जुड़ा हुआ है। इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने के दौरान डांस, गाना व शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम होते हैं। इस फेस्टिवल में सबसे खास होता है सांगपांगतू। जिसमें पुरुष और औरत नए-नए कपड़े पहनकर आग के किनारे बैठ जाते हैं और तरह-तरह के व्यंजन का लुत्फ उठाते हैं।

4. त्रिशूर पूरम

इस खास महोत्सव में भगवान शिव की पूजा की जाती है। साल में एक बार मनाए जाने वाले इस खास त्योहार के मौके पर देश-विदेश से लोग यहां जुटते हैं। यहां 36 घंटे की लंबी पूजा के दौरान शानदार आतिशबाजी होती है। इतना ही नहीं यहां पर रंगों, संगीत और भक्ति का एक बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। यह त्योहार केरल के प्रसिद्ध मंदिर वड़कुंकनाथ में मनाया जाता है।

5. इंटरनेशनल फ्लॉवर फेस्टिवल

जैसा कि आपको इस महोत्सव के नाम से ही पता चल रहा है, कि यह त्यौहार कितना मज़ेदार होगा। ऐसी चीजें जो आप अपनी ज़िन्दगी में एक बार ना एक बार ज़रूर करना चाहेंगे, उन सारी चीजों और एडवेंचर के भरपूर मज़े लेने के ज़बरदस्त मौके आपको यहाँ मिलेंगे। सिक्किम में हर साल अंतर्राष्ट्रीय फूल महोत्सव का आयोजन किया जाता है।जो छोटे बच्चों से लेकर बड़े बूढ़ों के लिए भी किसी त्यौहार से कम नहीं होता। हर साल इस ज़बरदस्त महोत्सव का आयोजन कर सिक्किम हमें एक नए और मज़ेदार अनुभव का एहसास करने का शानदार मौका प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय फूल महोत्सव गंगटोक में आयोजित किया जाता है और गंगटोक की सुंदरता, गुलाब, फर्न, अल्पाइन पौधों और पेड़ों की अनगिनत प्रजातियों हैं|

6. बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती

भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। आज बौद्ध धर्म को मानने वाले विश्व में 50 करोड़ से अधिक वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। यह गौतम बुद्ध की जयंती है और उनका निर्वाण दिवस भी। इसी दिन लोग इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार हैं। अतः हिन्दुओं के लिए भी यह दिन पवित्र माना जाता है।

इसी कारण बिहार स्थित बोधगया नामक स्थान हिन्दू व बौद्ध धर्मावलंबियों के पवित्र तीर्थ स्थान हैं। गृहत्याग के पश्चात सिद्धार्थ सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहाँ उन्होंने कठोर तप किया और अंततः वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है।