Home Editorial पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का 88 साल की उम्र में निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का 88 साल की उम्र में निधन

जॉर्ज फ़र्नांडिस यानी गैर कॉंग्रेसवाद के प्रतीक चिन्ह व ध्वजवाहक। ऐसे खाँटी समाजवादी जिसे कम्युनिस्ट चीन कभी रास नहीं आया। एक जन्मजात विद्रोही और यथास्थितिवाद का प्रबल विरोधी। ज़मीन से उठा, ज़मीन से जुड़ा एक विराट व्यक्तित्व। बेहद विनम्र इंसान जिसे अहंकार कहीं छू तक नहीं पाया था।

geaorge_fernandis_diesपूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वे 88 साल के थे। फर्नांडिस अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित थे और हाल में उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया था|

तीन जून 1930 को मंगलौर में जन्मे जॉर्ज फर्नांडीस को हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भाषाओं पर अच्छी पकड़ थी. जॉर्ज कुल छह भाई बहन थे.

जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘जॉर्ज साहब ने भारत के राजनीतिक नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व किया। निडर, ईमानदार और दूरदर्शी जॉर्ज फर्नांडिस ने हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह गरीबों और हाशिए के अधिकारों के लिए सबसे प्रभावी आवाज़ों में से एक थे। उनके निधन से दुखी हूँ|

जॉर्ज फर्नांडिस राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य भी रह चुके थे। उन्होने समता पार्टी की स्थापना की थी। रक्षा मंत्री के अलावा वे संचार मंत्री, उद्योगमंत्री, रेलमंत्री आदि जैसे अहम मंत्रालयों का भी कार्यभार संभाल चुके थे।

Fernandesजॉर्ज फर्नांडिस चौदहवीं लोकसभा में मुजफ्फरपुर से जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर सांसद चुने गए थे। वे 1998 से 2004 तक की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केन्द्रीय सरकार में रक्षा मंत्री थे। उनके कार्यकाल में ही कारगिल का युद्ध हुआ था| भारत ने जब दूसरी बार पोखरण में परमाणु परिक्षण किया तो जॉर्ज फर्नांडीज ही रक्षामंत्री थे| वे 1967 से 2004 तक 9 लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने। साल 2009 के लोक सभा चुनाव में जॉर्ज को मुजफ्फरपुर से हार का सामना करना पड़ा। उसी दौरान जॉर्ज की सेहत तेजी से बिगड़ी। जॉर्ज अल्जाइमर और डिमेंशिया से पीड़ित थे। धीरे धीरे वो सार्वजनिक जीवन से दूर हो गये।

ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उन्होंने 1974 में रेलवे में हड़ताल कराई। 1975 में इमरजेंसी के दौरान उस समय पीएम रहीं इंदिरा गांधी को चुनौती दी। इसके बाद 1976 में उन्हें बड़ौदा डायनामाइट केस में गिरफ्तार कर लिया गया। 1977 के लोकसभा चुनाव में जेल में रहते हुए ही उन्होंने बिहार से मुजफ्फरपुर सीट करीब तीन लाख वोटों से जीती और उन्हें केंद्रीय उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमेरिकन कंपनी आईबीएम और कोका कोला को निवेश नियमों का उल्लंघन करने पर देश छोड़ के जाने का आदेश दिया।

बिहार सरकार ने जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर दो दिवसीय शोक की घोषणा की हैं|