लॉकडाउन मे एक तरफ जहां हमने कई दर्दनाक कहानियाँ सुनी तथा कई ह्रदय-विदारक ख़बरें व तस्वीरें देखने को मिलीं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसी घटनाएँ भी थीं जिसने हम सब का इंसानियत पर भरोसा फिर से कायम कर दिया | ऐसी ही एक इंसानियत तथा भलाई की एक मिसाल हैं सरदार अमरजीत सिंह जी |

गरीबों की मदद को आये आगे 

अलग अलग लोगों ने अपनी क्षमता के हिसाब से जरुरतमंदों की मदद की | किसी ने भूखे-प्यासे मज़दूरों को अपने खर्च से खाना खिलाया तो किसी ने बेजुबान जानवरों का ध्यान रखा | कुछ लोगों ने अपने आसपास के लोगों का ध्यान रखा | ऐसे मे अमरजीत सिंह जी ने अपनी 11 नई पगड़ीयों को कटवाकर मास्क बनवाकर गरीबों मे बाँट दिया |

सारी दुकानों के बंद होने के कारण किया ऐसा 

अमरजीत सिंह हिमाचल के मंडी जिले के सुंदरनगर के कनैड गाँव के रहने वाले हैं | उन्होंने गरीबों के लिये अपनी पगड़ी जो की सिखों की शान मानी जाती है, की कुर्बानी दे दी | शुरुआत मे कोरोना के कारण उनके इलाके मे सैनीटाईजर तथा मास्क की कमी हो गयी तथा दुकानों के बंद होने के कारण कपड़ा कहीं मिल नहीं पा रहा था | ऐसे मे अमरजीत सिंह जी ने अपनी पगड़ियों की कुर्बानी देना उचित समझा |

1000 से ज्यादा मास्क बांटे 

वो बताते हैं कि उन्होंने अपनी पगड़ियों से बने मास्क को खासकर गरीबों तथा प्रवासी मजदूरों मे बांटे | उनकी पगड़ियों से कुल 1000 मास्क बने थे जिसे वो बाँट चुके हैं | अब भी वो कपड़ा खरीदकर जरुरतमंदों मे मास्क बांटने का काम लगातार कर रहे हैं | वो अपने जिले के रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य भी हैं तथा लोगों की जरूरत के समय हमेशा उनकी मदद करने को तैयार रहते हैं |

अंतिम संस्कार भी कराया 

लॉकडाउन मे हमने काफी ऐसे उदाहरण देखे जब की  लोगों की मृत्यु हो गयी और उनके पास कोई भी उनका जाननेवाला नहीं था | फिर अनजान लोगों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया | ऐसा ही कुछ अमरजीत सिंह के साथ भी हुआ | हरिपुर से मंदी लाते वक़्त कोरोना के कारण जब एक व्यक्ति की मौत हुआ तब वे तथा उनके दोस्तों ने मिलकर ही उस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया |