बिहार के सीतामढ़ी जिले में शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा के पास गोलीबारी के बाद नेपाल सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को शनिवार को रिहा कर दिया गया। रिहा हुए व्यक्ति का नाम लगन किशोर है। सुरक्षा बलों द्वारा रिहा किए जाने के बाद वह सीतामढ़ी लौट आया है। 

किशोर ने बताया कि गोलीबारी शुरू होने पर हम भारतीय क्षेत्र की तरफ भाग गए, लेकिन वे मुझे घसीटते हुए नेपाल क्षेत्र की तरफ ले गए और राइफल की बट से मुझे मारा। उसने बताया कि इसके बाद नेपाली सुरक्षा बल उसे नेपाल के संग्रामपुर में ले गए। 

उसने बताया कि उन्होंने मुझे यह कबूल करने को कहा कि मुझे नेपाल से यहां लाया गया है। मैंने उनसे कहा कि आप मुझे मार सकते हैं लेकिन मैं झूठ नहीं बोलूंगा। मुझे भारत से यहां लाया गया था।

बता दें कि, शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी में भारत-नेपाल सीमा के पास गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हुए। बिहार क्षेत्र के सशस्त्र सीमा बल के आईजी ने इसकी पुष्टि की थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि नेपाल की तरफ से गोलीबारी की गई थी। 

जानकारी के मुताबिक, जानकीनगर बॉर्डर पर नेपाल पुलिस की ओर से फायरिंग की गई जिसमें खेत पर काम कर रहे एक भारतीय शख्स की मौत हो गई, वहीं दो अन्य लोग घायल हुए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई।  

 ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से भारत तथा नेपाल के बीच रिश्तों मे खटास आई है | दोनों देशों के बीच सीमाओं को लेकर विवाद है | इसके विवाद के बाद नेपाल की संसद ने नेपाल का नया नक्शा निकाला जिसमे भारत के उत्तराखंड मे पड़ने वाले कालापानी सहित और भी कई क्षेत्रों को नेपाल मे दिखाया गया है | इसके बाद इस विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिशें भी नहीं की गयी है |