बारिश का मौसम शुरू होते ही कई राज्यों में आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला है। बिहार में गुरुवार को आई आंधी और बारिश के दौरान बिजली (ठनका) गिरने से 93 लोगों की मौत हो गई। कई लोग झुलस गए हैं।

मौसम विभाग ने भी अगले दो दिन तक बिहार के कई भाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की माने तो अगले दो दिन में नेपाल के तराई से सटे क्षेत्र और उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में भारी वर्षापात और वज्रपात का प्रभाव देखने को मिलेगा। बिहार के पंश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, मधुबनी, सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इन जिलों में रहने वाले लोगों को उचित सावधानी और सुरक्षा उपाय बरतने की सलाह दी है।

बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली अकसर जानलेवा साबित होती है। खास तौर से खेतों में काम करने वाले, पेड़ों के नीचे रुकने वालों के इसके चपेट में आने की ज्यादा संभावना होती है। ऐसे स्थिति में कुछ ऐसे उपाय है जिनके जरिए आकाशीय बिजली यानी ठनका से बचा जा सकता है।

आकाशीय बिजली से बचने के उपाय

बारिश के दौरान अगर आप घर से बाहर हैं और आकाशीय बिजली कड़क रही है तो ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। घर या भवन में रूकें, टिन या फिर धातु से बने छत वाले मकानों से दूर रहें। इस दौरान किसी पेड़ के नीचे खड़े नहीं हों। बिजली के खंभों और वृक्षों से दूर रहें। अगर खुले आसमान के नीचे हों तो तुरंत कहीं छिप जाएं। हालांकि, जमीन पर नहीं लेटें और न ही अपने हाथ लगाएं। किसी एक जगह पर भीड़ नहीं लगाए, फैलकर खड़ें हों।

घर से बाहर होने की स्थिति में

बारिश और तूफान के दौरान अगर कार या बस अथवा किसी दूसरे वाहन में हैं तो वहीं रहना बेहतर होगा। घर के बाहर कोई भी धातु की वस्तु इस्तेमाल नहीं करें। पानी के भीतर नहीं रहें, पुल-झील या फिर छोटी नाव से तुरंत बाहर निकल जाएं। किसी जल स्त्रोत में तैर या नहा रहे हैं तो उससे निकल कर जमीन पर आ जाएं।

अगर घर में हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

आंधी-तूफान की स्थिति इलेक्ट्रॉनिंक उपकरणों के प्लग निकाल दें। तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल नहीं करें। खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहे और बाहर बिल्कुल भी नहीं निकलें। धात्विक वस्तुओं से भी दूरी बनाए रखें। बिजली से बचाव के लिए भवनों, सार्वजनिक इमारतों के ऊपर तड़ित चालक लगवाना चाहिए।