केरल मे एक गर्भवती हथिनी के जान जाने जैसी दर्दनाक खबर के बाद बिहार से एक सुखद खबर देखने को मिली है | वहां से मिली खबर के अनुसार एक शख्स ने अपनी सारी संपत्ति दो हाथियों के नाम कर दी है | इतना ही नहीं इस शख्स के अंदर हाथियों के लिये कितना प्यार है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने हाथियों के लिये एरावत नाम से एक ट्रस्ट भी बना दिया है |

पटना के पास दानापुर की है घटना 

पटना के नज़दीक दानापुर के निवासी अख्तर इमाम ने अपना सारी संपत्ति अपने दो हाथियों मोती और रानी के नाम कर दी है। यही नहीं अख्तर ने अपने हाथियों के लिए ऐरावत नाम का ट्रस्ट भी बना दिया है। अख्तर कहते हैं कि मोती और रानी ही उनके दोस्त, परिवार और सबकुछ हैं। 

केरल से आई थी एक गर्भवती हथिनी के मौत की खबर 

ग़ौरतलब है कि कुछ दिनों पहले केरल से एक गर्भवती हथिनी के मरने की खबर आई थी | इसके मौत के बारे मे काफी चर्चा भी हुई थी | इस बारे मे पटाखे खिलाने से लेकर इस हथिनी के पानी मे फंस जाने की ख़बरें भी आई | इसके साथ साथ इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की गयी | अभी तक हुई जांच के अनुसार ये पता चला है कि किसी ने इसे जान-बुझकर पटाखे नहीं खिलाये थे |

अपने ही बने इमाम के दुश्मन   

हालांकि प्रॉपर्टी को हाथियों के नाम करने के बाद सगे ही इमाम के दुश्मन बन गए हैं। अख्तर का आरोप है कि उनके बेटे मेराज ने तो एक बार तस्करों के साथ मिलकर हाथी मोती और रानी को बेचने की साजिश तक कर दी थी। अख्तर मोती और रानी को इतना क्यों प्यार करते हैं इसके पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा है। अख्तर के मुताबिक एक बार देर रात पिस्टल लिए अपराधी उनकी हत्या करने के इरादे से उनके कैंपस में घुस गए। ये देखते ही हाथियों ने चिघाड़ना शुरू किया और अख्तर की नींद खुल गई। इसके बाद बदमाश भाग निकले। आरोप है कि प्रापर्टी के लिए अख्तर के बेटे ने अपनी प्रेमिका से मिलकर पिता पर ही रेप का झूठा आरोप लगवा दिया। अख्तर को जेल भी जाना पड़ा लेकिन वो जांच में बेदाग पाए गए। अख्तर के मुताबिक वो 10 साल से अपनी बीवी और बच्चे से अलग रह रहे हैं। 

12 साल की उम्र से ही कर रहे हैं हाथियों की सेवा 

एरावत संस्था के प्रमुख अख्तर बताते हैं कि वह 12 साल की उम्र से ही हाथियों की सेवा कर रहे हैं। पारिवारिक विवाद होने की वजह से आज से 10 साल पहले उनकी पत्नी दो बेटे और बेटी के साथ घर से मायके चली गई थी उन्होंने अपने बड़े बेटे मेराज उर्फ रिंकू के दुर्व्यवहार और गलत रास्ते पर जाते देख उन्होंने उसे जायदाद से वंचित कर दिया है। पत्नी को आधी जायदाद लिख दी है और अपने हिस्से की लगभग 5 करोड़ रुपए की जायदाद, खेत-खलिहान, मकान, बैंक-बैलेंस सबकुछ दोनों हाथियों के नाम कर दिया है। अख्तर का कहना है कि अगर दोनों हाथियों की मौत हो जाती है तो यह जायदाद एरावत संस्था को चली जाएगी। इससे एक बात तो तय हो जाती है कि इस जमीन पर इंसानियत के दुश्मन हैं तो दोस्त भी हैं।