Home Social सीमा सुरक्षा बल का खौफ : नेपाल ने अपने कैंप पीछे किये

सीमा सुरक्षा बल का खौफ : नेपाल ने अपने कैंप पीछे किये

सीतामढ़ी के लालबंदी बॉर्डर पर हिंसक झड़प में नेपाल पुलिस द्वारा भारतीय नागरिक की गोली मार कर हत्या की घटना के बाद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नेपाल बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी है। रक्सौल व जोगबनी बॉर्डर छोड़कर बाकी सभी बॉर्डर पर बेवजह आवाजाही रोक दी गई है।

एसएसबी की सख्ती के बाद नेपाल सशस्त्र बल मे खौफ का माहौल साफ़ देखा जा सकता है | नेपाली सेना ने अपने 270 अस्थाई कैंप को 100 से 300 मीटर तक पीछे कर लिया है। वहीं, दो से तीन अस्थाई कैंप को मिलाकर एक कैंप बनाया है। एसएसबी के एक सीनियर अफसर ने बताया कि बगहा से अररिया तक 631 किलोमीटर भारत-नेपाल बॉर्डर है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल सशस्त्र बल का 270 अस्थाई टेंट कैंप पहले भारत-नेपाल जीरोलाइन के बिल्कुल करीब था।

लालबंदी बॉर्डर की घटना के बाद नेपाल ने अस्थाई कैंप को पीछे कर लिया है। पहले अस्थाई कैंप में तीन-चार जवान रहते थे। अब 2-3 कैंप को मिलाकर एक बनाया गया है। इसमें 10 से 12 जवान रह रहे हैं। उधर, घटना के बाद पटना फ्रंटियर के एसएसबी आईजी संजय कुमार ने बिहार में पड़ने वाले भारत-नेपाल बॉर्डर का जायजा लिया है।

कुटनीतिक प्रयास नगण्य

दोनों देशों के बीच विवाद के काफी ज्यादा बढ़ जाने के बाद भी अभी तक बातचीत का माहौल बंटा नहीं दिख रहा है | नेपाल के बार बार कोशिश करने के बाद भी भारत सरकार की ओर से अब तक कोई पहल देखने को नहीं मिली है | चीन से चल रहे विवाद की वजह से सरकार शायद नेपाल के मुद्दों पर अभी ध्यान नहीं देना चाह रही है | हालाँकि सरकार को इस बात का जवाब तो देना ही चाहिए कि भारत के सम्बन्ध अगर सभी पडोसी देशों के साथ ख़राब हो रहे हैं तो इसके पीछे क्या वजह है ?