बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की मानें तो उनके कार्यकाल मे बिहार ने खूब प्रगति की है | हाँ ये बात और है कि ये प्रगति सिर्फ कागजों तक ही सीमित है | राज्य की राजधानी पटना का हाल पहली बारिश मे ही बेहाल हो गया | मानसून की पहली बारिश में ही पटना में जल जमाव हो गया। राजेंद्र नगर, राजवंशी नगर समेत पटना के कई इलाकों में पानी भर गया। 

गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह हुई बारिश का पानी दोपहर बाद तक नहीं निकल सका। अब ध्यान देने वाली बात ये है कि पिछले साल भी पटना में काफी भयानक जल जमाव हुआ था | अतः सरकार को अंदाजा तो पहले से ही था कि हालत कितने गंभीर हो सकते हैं | अब सवाल ये उठता है कि सरकार ने पहले से कोई तैयारी क्यों नहीं की ?

तेजस्वी निकले जल जमाव का जायजा लेने 

अब जब राजधानी का ये हाल होगा तो विपक्ष तो चुटकी लेगा ही | विपक्ष के नेता सरकार को इस मुद्दे पर घेरते नजर आ रहे हैं | राजद नेता तेजस्वी यादव जल जमाव की स्थिति का जायजा लेने निकले। राजवंशी नगर की सड़क पर वह अपनी कार से पहुंचे। सड़क किनारे खड़े लोगों और मीडिया के कैमरे को देख तेजस्वी कार से उतरे। पजामा को उन्होंने घुटने तक मोड़ लिया ताकि पानी में भींग न जाए। उसके बाद जल जमाव पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। 

तेजस्वी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल हुए जल जमाव से कोई सबक नहीं लिया। पटना के ड्रेनेज का नक्शा नहीं मिल रहा है। संप हाउस और पंप हाउस काम नहीं करते हैं। सरकार लापरवाह है। इस साल भी पिछले साल वाली स्थिति होने वाली है। मुझे तो लगता है कि उससे भी गंभीर स्थिति होने वाली है। पिछले साल के जल जमाव को बाढ़ का रूप दिया गया था। शहर में नाव चल रही थी। 

ड्रेनज, नाला और संप हाउस के नाम पर घोटाला हुआ

गुरुवार रात में जो चार-पांच घंटे बारिश हुई थी उसी से पूरा पटना भर गया है। अभी तो पूरा मानसून बाकी है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि पटना का ड्रेनेज सिस्टम कैसा है। नगर निगम क्या कर रहा है? बिहार सरकार क्या कर रही है? ड्रेनज, नाला और संप हाउस के नाम पर घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री को बारिश से पहले निकलकर इंतजाम करना चाहिए था। हमलोग तो ढोल पिटवाने वाले थे। वह औपचारिकता पूरा करने के लिए बाहर निकले हैं। अगर मैं सवाल नहीं उठाता तो वह नहीं निकलते। फिर से लापरवाही हो रही है। पिछले साल नाव चला था। इस साल पूरा मानसून आ जाएगा तो जहाज चलेगा।

क्यों हर बार एक ही समस्या से जूझना पड़ता है जनता को?

बिहार मे लगभग हर शहर मे हर साल लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है | बारिश का मौसम शुरू होते ही नालों का ओवरफ्लो होना आम बात हो चुकी है | फिर भी विकास के नाम का ढोल पीटने वाले नेता कान मे दही जमाये बैठे रहते हैं | और तारीफ़ तो यह कि नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से सरकार मे हैं | इसका मतलब जनता मे कोई उनसे सवाल भी नहीं पूछ रहा कि क्यूँ इस समस्या का समाधान नहीं निकला रहा | इस से तो यही समझ आता है कि जिम्मेदारी जितनी सरकार की है उतनी ही जनता की भी |