हिन्दू पर्व- राम नवमी

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हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को रामजन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। राम जी के जन्म पर्व के कारण ही इस तिथि को रामनवमी कहा जाता है। राम नवमी के दिन मां दुर्गा के नवें रूप महागौरी की पूजा के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पूजा का भी विधान है|  इस दिन भक्‍त दिन भर उपवास रखते हैं और राम नाम का जप करते हैं|

 

कब मनाया जाएगा नवमी-

हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार राम नवमी हर साल चैत्र माह की शुक्‍ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है|  ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह पर्व हर साल मार्च या अप्रैल महीने में आता है|  इस बार राम नवमी (Ram Navmi) दो दिन मनाई जाएगी|  हिन्‍दू कैलेंडर के मुताबिक 13 अप्रैल को सूर्योदय से लेकर सुबह 08 बजकर 15 मिनट तक अष्‍टमी है|  इसके बाद नवमी लग जाएगी|  पंडितों के अनुसार इस बार राम नवमी दो दिन यानी कि 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को मनाई जाएगी|

राम नवमी की तिथि और शुभ मुहूर्त-  

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार अष्टमी तिथि 13 अप्रैल दोपहर पहले 11:42 पर ही समाप्त हो जायेगी, उसके बाद नवमी तिथि लग जायेगी जो कि 14 अप्रैल सुबह 09:36 तक रहेगी। इस प्रकार नवमी तिथि दो दिनों तक रहेगी और माधव कालनिर्णय के पृष्ठ 229 से 230 पर आया है कि जब नवमी दो तिथियों में हो और पहली तिथि के मध्याह्न में नवमी हो, तो नवमी का व्रत पहली तिथि को ही किया जाना चाहिए। चूंकि 14 को नवमी तिथि दोपहर होने से पहले ही सुबह 09:36 पर समाप्त हो जायेगी और 13 को नवमी|

राम नवमी का महत्‍व-

हिन्‍दू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्‍व है| मान्‍यता है कि इसी दिन भगवान विष्‍णु ने अयोध्‍या के राजा दशरथ की पहली पत्‍नी कौशल्‍या की कोख से भगवान राम के रूप में मनुष्‍य जन्‍म लिया था|  हिन्‍दू मान्‍यताओं में भगवान राम को सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु का सातवां अवतार माना जाता है. कहा जाता है कि श्री गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस राम चरित मानस की रचना की थी, उसका आरंभ भी उन्‍होंने इसी दिन से किया था|

कैसे मनाएं राम नवमी

इस दिन विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है|  भक्‍त अपने आराध्‍य मर्यादा पुरुषोत्तम राम के लिए दिन भर उपवास रखते हैं|  घरों में रामलाल के जन्‍मोत्‍सव के मौके पर उन्‍हें पालने में झुलाया जाता है और विशेष रूप से खीर का भोग लगाने की परंपरा है|  इसी दिन चैत्र नवरात्रि का नौवां यानी कि अंतिम दिन होता है जिसका समापन कन्‍या पूजन के साथ किया जाता है|  इस दिन हजारों की संख्‍या में भक्‍त भगवान राम की जन्‍म स्‍थली अयोध्‍या पहुंचर सरयू नदी में स्‍नान करते हैं|  मान्‍यता है कि इस दिन सरयू नदी में स्‍नान करने से सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं और भक्‍तों को भगवान राम की असीम कृपा प्राप्‍त होती है|  कहा जाता है कि राम नवमी के दिन भगवान राम की विधि-विधान से पूजा करने पर मोक्ष की प्राप्‍ति होती है|

Rohit Jha

A writer who is willing to produce a work of art, To note, To pin down, To build up, To make something, To make a great flower out of life even if it’s a cactus.

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