JNU

बेगूसराय सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के उम्मीदवार व जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार बिहार के बेगुसराय में बीजेपी के दिग्गज नेता गिरिराज सिंह को अच्छी टकड़ दें रहे हैं, अब बेगूसराय की लड़ाई इज्जत बचाने की जंग में बदल चुकी है| बीजेपी को एहसास हो चुका है कि सीपीआई उनपर चुनाव में भारी पड़ सकती है| इसी बीच बीजेपी की साख बचाने के लिए बेगूसराय में आरएसएस की टीम प्रचार प्रसार में जुट गई है| लगातार आरएसएस के कार्यकर्ता गांव गांव घूमकर समझाने में जुटे हैं ,उन्हें एहसास हो रहा है कि शायद यहां से जीत मिलना इतना आसान नहीं होगा| जीतने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी| शायद यही वजह है कि आरएसएस को बुला लिया गया है| खबर यह भी है कि 20 अप्रैल तक संघ प्रचारकों की और भी टीमें बेगूसराय पहुंच रही हैं| गिरिराज सिंह के लिए वोट मांगने को|

लोकसभा चुनाव में इस बार जुबानी जंग कुछ ज्यादा ही तेज़ है , कभी औरतों पर भद्दे कमेंट्स , कभी हिन्दू- मुस्लिम तो कहीं कार्यकर्ता गुंडागर्दी पर उतर आएं है| इस बीच कन्हैया कुमार ने आरोप लगया है कि बीजेपी और आरएसएस उन्हें प्रचार नहीं करने दे रही है साथ ही जहां भी वो जा रहे हैं उनका रास्ता रोका जा रहा है|  

आपको बता दें कि कन्हैया कुमार ने पिछले हफ्ते ही जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पूर्व उन्होंने अपने रोड  शो की शुरुआत बेगूसराय से तकरीबन 12 किमी दूर जीरोमाइल स्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ की। बेगूसराय समाहरणालय व जीरोमाइल के बीच कन्हैया के समर्थन में उमड़ा हुजूम जिला में सुस्त पड़ चुके वामपंथ को उम्मीद बंधा गया। जुलूस में हर उम्र व वर्ग के लोग शामिल रहे। सबसे अधिक संख्या नौजवानों की रही। उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। हालांकि हुजूम मतों में कितना परिवर्तित होता है यह भविष्य के गर्भ में छुपा है। यहां लोग 29 अप्रैल को मतदान करेंगे। फैसला 23 मई को आना है। भाकपा यह दिखाने में सफल रही कि उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

kanhaiya-kumar-nomination

चार घंटे तक थमा रहा बेगुसराय

कन्हैया ने नामांकन के लिए जीरोमाइल से रोड शो शुरू किया। इस दौरान उमड़े हुजूम के कारण जीरोमाइल व बेगूसराय को जोड़ने वाले एनएच-31 पर यातायात का आवागमन ठप हो गया। यातायात सामान्य होने में चार घंटे से अधिक का समय लग गया। शहर में भी यही स्थिति रही।

कन्हैया बन चुके हैं संघर्ष के प्रतीक

कन्हैया के नामांकन में शिरकत करने पहुंची फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि कन्हैया पूरे देश में संघर्ष का प्रतीक बन चुके हैं। वे किसान, छात्र, शिक्षा व रोजगार के मुद्दे को लेकर बेखौफ आवाज बुलंद करते हैं। यही बात आकर्षित करती है। इसलिए मैं उनके समर्थन में मुंबई से बेगूसराय पहुंची हूं। जेएनयू से गायब हुए छात्र नजीब की मां फातिमा नसीम कहती हैं कि उनका बेटा ढाई साल पहले जेएनयू से अचानक गायब हो गया। उसकी तलाश में वह भटक रही हैं। कन्हैया ही वह शख्स है जिसने बिना जाति-धर्म का भेदभाव किए मेरे बेटे के लिए आवाज उठाई है। जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने कहा कि यह सिर्फ बेगूसराय का चुनाव नहीं है। देश की तकदीर का चुनाव है। 

गौरतलब हो कि बिहार के बेगुसराय में चुनाव चौथे चरण यानी 29 अप्रैल को होगा | अब देखना दिलचप्पस होगा कि बेगुसराय की सीट से बाज़ी कौन मारता है|