2018 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 60 से 62वीं लिखित परीक्षा की रिजल्ट घोषित किया गया था। इसकी चयन प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई। लेकिन एक परीक्षार्थी जिसे अपने फेल होने पर आश्चर्य हुआ था। उसने RTI दाखिल कर काफी अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच की तो पता चला कि वह तो पास है। उसकी शिकायत पर बीपीएससी ने अपनी गलती स्वीकार्य करते हुए सफल छात्रा को इंटरव्यू के लिए बुलाया है।

BPSC की 60 से 62वीं लिखित परीक्षा के रिजल्ट 2 नवंबर 2018 को जारी किया था। सभी सफल परीक्षार्थियों के इंटरव्यू के बाद फरवरी 2019 में चयनित अभ्यर्थियों की अनुशंसा संबंधित विभागों को भेज दी गई थी। सभी सफल अभ्यर्थी अब अपने-अपने विभाग में कार्यरत भी हैं। लेकिन मुख्य परीक्षा में अयोग्य घोषित करार दिए गए शशि रंजन नामक छात्रा ने RTI के माध्यम से सभी उत्तरपुस्तिकाओं की मांग की थी।

RTI ने किया इंसाफ

बीपीएससी द्वारा दी गई कापी देखने से उन्हें पता चला कि वो तो सफल अभ्यर्थी हैं। अभ्यर्थी छात्रा ने हैंडराइटिंग का मिलान किया। इसके बाद आयोग ने जांच की तो पता चला कि अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका दूसरे से बदल गई थी। जानकारी के अनुसार आयोग का कहना है कि कोडिंग करने में गलती किए जाने की वजह से ऐसा हुआ था।

बताया जाता है कि जिस कर्मचारी ने कोडिंग में गलती की थी उसे निलंबित भी कर दिया गया है। इस प्रकार लगभग डेढ़ साल बाद अपनी गलती स्वीकारते हुए बीपीएससी ने परीक्षा में अयोग्य महिला अभ्यर्थी को क्वालिफाई घोषित करते हुए इंटरव्यू के लिए बुलाने के साथ नोटिफिकेशन भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।

पहले भी बिहार मे हो चुकी हैं ऐसी गलतियाँ 

इस से पहले 2017 मे आरटीआई में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की एक बड़ी लापरवाही सामने आई थी। धनंजय कुमार नाम के छात्र को हिंदी में महज 2 अंक दिए गए थे, जबकि आरटीआई में खुलासा हुआ था कि उसके असल मार्क्स 79 थे। आरटीआई की माने तो धनंजय ने 500 में से 421 मार्क्स पाए थे, लेकिन बिहार बोर्ड ने उसे 344 मार्क्स पर ही समेट दिया था।

धनंजय को बोर्ड की लापरवाही से नुकसान झेलना पड़ा था, क्योंकि उसे फेल करार दिया गया था। धनंजय के भाई के अनुसार इन सब के लिए उन्हें करीब 6 महीने प्रशासन के चक्कर काटने पड़े थे और इस वजह से उसका भाई डिप्रेशन में चला गया था।

आईआईटी करना चाहते थे धनंजय

वहीं धनंजय का कहना है कि वो आईआईटी की परीक्षा देना चाहता था, लेकिन उसका सपना इस रिजल्ट के बाद टूट गया। धनंजय इन हालातों से गुजरा रहा था कि वो खुद को खत्म करने का प्लान बना चुका था, लेकिन परिवार का साथ होने के चलते उसे काफी मदद मिली।

अभी बिहार मे चुनावी माहौल होने से इस मामले के तूल पकड़ने के आसार नजर आ रहे हैं | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ये कह चुके हैं कि वो बिहार के छात्रों को बिहार मे ही शिक्षा देंगे | ऐसे मे बीपीएससी जैसी बड़ी परीक्षा मे गड़बड़ी का पाया जाना बिहार के भ्रष्ट हो चुके सिस्टम की सटीक कहानी बयान करता है | और ये तो कुछ ऐसी घटनाएँ हैं जो मीडिया मे आ जाती हैं, ऐसी जाने कितनी ही ख़बरें हैं जिनके बारे मे कोई जान नहीं पाता |