दाई-नौकर या लॉज में रहने वाले छात्र और अन्य किरायेदारों के सत्यापन के फॉर्म का फॉर्मेट बेहद आसान बनाया गया है। किरायेदार की एक तस्वीर लगाना अनिवार्य है। फॉर्म हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में उपलब्ध है।

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हाल में राजधानी में हुई आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर पटना पुलिस ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। लॉज और वैसे मकान जहां बड़ी संख्या में किरायेदार रहते हैं, उनके मकान मालिकों को किरायेदारों का पूरा ब्योरा स्थानीय थाने में देना होगा। पूर्व में मकान मालिकों का किरायेदारों के सत्यापन के लिये प्रोफार्मा नहीं होने का बहाना अब नहीं चलेगा। पटना पुलिस की वेबसाइट पर किरायेदारों और दाई-नौकरों के सत्यापन का प्रोफार्मा डाल दिया गया है। यहां से इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। फॉर्म को भरकर स्थानीय थाने में जमा करना होगा। एसएसपी गरिमा मलिक ने यह स्पष्ट किया है कि अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं करवाने वाले लॉज मालिकों पर पुलिस सख्ती बरतेगी।

Garima_Malik

शहर की सुरक्षा के लिये यह जरूरी है : खासकर लॉज संचालक या वैसे लोग जिनके यहां किरायेदार और दाई-नौकर रहते हैं, उनकी सुरक्षा के लिये यह प्रकिया जरूरी है। कई बार किरायेदारों और दाई-नौकर के चरित्र सत्यापन नहीं होने का फायदा अपराधी उठा लेते हैं।

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कई बार देखा गया है कि लॉज में छात्र के वेष में अपराधी रहते हैं और वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। ऐसे मामले भी सामने आये हैं, जिनमें मकान मालिक के पास किरायेदार का मोबाइल नंबर के अलावा और कोई भी ब्योरा नहीं मिला। इसलिए पटना पुलिस ने इसको सख्ती से लागू करने का निश्चय लिया है और वैसे मकान मालिकों पे सख्ती से करवाई करने का भी निर्देश दिया है जो किरायदारों का सत्यापन नहीं कराते हैं|

इस वेबसाइट पर उपलब्ध है फॉर्म का फॉर्मेट :

http://patnapolice.bih.nic.in/

वेबसाइट पर हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपलोड है फार्मेट

इसमें किरायेदारों का स्थायी पता, पिता का नाम से लेकर अपने और घरवालों का मोबाइल नंबर, जिन शैक्षणिक संस्थान में वे पढ़ते हैं वहां का ब्योरा व अन्य जानकारियां भरनी होंगी। दाई-नौकर के फॉर्म का फॉर्मेट भी लगभग यही है।

तो अब देर किस बात की है, अपना और अपने शहर की सुरक्षा के लिए, आइये हम सब मिलके पटना पुलिस को सहयोग करें|

“जागरूक नागरिक ही एक अच्छे शहर की पहचान हैं”